उच्च अधिकारियों की मौन स्वीकृति के चलते कार्यवाही न होने से इनके हौसले बुलंद



उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद में नगर निगम के द्वारा सैकड़ो करोड़ की लागत से नाली निर्माण,नाला निर्माण,गली एवं सड़क निर्माण में तेजी देखने को मिल रही है । जिन क्षेत्रों में यह विकास कार्य होते हैं उन क्षेत्रों की जनता अपने क्षेत्र में होते विकास कार्यों को देखकर गदगद नजर आती है । लेकिन बहुत से क्षेत्रों में विकास कार्य के दौरान या कुछ दिन बाद या कुछ वर्ष बाद ही जनता का खुशी से गदगद होना ठेकेदार एवं नगर निगम को को कोसने में बदल जाता है क्योंकि विकास में निर्माण कार्य के दौरान सामग्री में जमकर जिस प्रकार भ्रष्टाचार किया जाता है वह किसी से छिपा नहीं है । जिसकी शिकायतें समय-समय पर सामने भी आती रहती हैं लेकिन निर्माण कार्यों के जिम्मेदार ठेकेदारों पर उच्च अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाती ।जिस कारण इनके हौसले बुलंद हैं जिससे निर्माण कार्यों के भ्रष्टाचार में शिकायतों का सिलसिला भी कम होने का नाम नही ले रहा अधिकारियों की मौन स्वीकृति का इसी से पता चलता है कि कोई भी अधिकारी निर्माण कार्यों के दौरान सामग्री की गुणवत्ता को परखने नहीं पहुंचता इसी कारण निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार करने वाले ठेकेदारों पर भी कार्यवाही देखने नही मिल पाती ।

मुरादाबाद के लाइन पार ढक्का स्वास्थ्य केंद्र आसरा कॉलोनी के पास ठेकेदार मकसूद अली के द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य में भी कुछ इसी प्रकार का मामला सामने आ रहा है । निर्माण कार्य में यहां ठेकेदार के द्वारा जो मुंशी एवं लेबर लगाई गई है उसे निर्माण कार्य में कितनी सामग्री लगाई जाएगी इसकी जानकारी नहीं । घटिया सामग्री और सरिए की मात्रा कम होने की जानकारी पर सामने आया की कही 22 इंच,कही 23 इंच,कही 18 इंच की दूरी पर सरिया उपयोग हो रहा था सही दूरी क्या है इसके विषय में निर्माण कार्य करने वाले लोग नहीं बता पाए ।इंजीनियर कौन है यह भी नहीं बता सके ठेकेदार का नाम बताने से भी कतराते नजर आए । एक मीडिया कर्मी के द्वारा जब एई किशन लाल से बात कराई तब एई साहब को भी यह लोग ठीक प्रकार से जानकारी नहीं दे पाए । जब नगर निगम इस प्रकार के लापरवाह एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले ठेकेदारों को विकास कार्यों का जिम्मा सौपेगा तब अच्छी गुणवत्ता के विकास कार्य कहीं पर भी देखने को नहीं मिल पाएंगे कम और घटिया सामग्री से भ्रष्टाचारी ठेकेदारों के द्वारा कराए गए विकास कार्य कुछ समय बाद ही ध्वस्त नजर आएंगे । यही कारण है कि कितने ही विकास कार्य एक कार्यकाल के दौरान कई बार करने पड़ जाते । अब देखना होगा कि इस क्षेत्र में विकास के नाम पर जिस प्रकार का घटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है वह कब तक टिक पायेगा ।

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